साइनुसाइटिस (Sinusitis) – विशेषज्ञ डॉ. पार्थ मांकड़ का मार्गदर्शन
मार्गदर्गन: डॉ. पार्गमंकड़, होम्योपैर्ी विर्ेषज
नमस्कार
मैं डॉ. पार्थ मांकड़ आप सभी को साइनुसाइटिस के बारे में सरल और स्पष्ट जानकारी देना चाहता हूँ। आजकल बदलती जीवनशैली, प्रदूषण और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के कारण साइनस की समस्या बहुत आम हो गई है। यदि समय रहते सही मार्गदर्शन और उपचार न लिया जाए तो यह बार-बार होने वाली परेशानी बन सकती है।
आइए इसे विस्तार से समझते हैं।
साइनुसाइटिस क्या है?
हमारी नाक के आसपास हड्डियों के भीतर छोटे-छोटे वायु-भरे खाली स्थान होते हैं, जिन्हें साइनस कहा जाता है। जब इन साइनस में सूजन या संक्रमण हो जाता है, तो उसे साइनुसाइटिस कहा जाता है।
साइनुसाइटिस के प्रमुख लक्षण
•लगातार नाक बंद रहना
•सिर दर्द (विशेषकर माथे और आँखों के आसपास)
•चेहरे पर भारीपन या दर्द
•गाढ़ा पीला या हरा कफ
•गले में कफ का बहना
•बार-बार छींक आना
•थकान और कभी-कभी हल्का बुखार
यदि ये लक्षण 10 दिनों से अधिक बने रहें, तो चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें।
साइनुसाइटिस के कारण
•एलर्जी
•प्रदूषण और धूल
•बार-बार जुकाम
•कमजोर इम्युनिटी
•मौसम में अचानक बदलाव
•ठंडी चीजों का अत्यधिक सेवन
साइनुसाइटिस के घरेलू उपाय (Home Remedies)
मैं अपने मरीजों को हमेशा बताता हूँ कि कुछ सरल घरेलू उपाय भी काफी राहत दे सकते हैं:
•हल्दी वाला दूध – रात को गुनगुने दूध में हल्दी मिलाकर पीने से सूजन कम होती है।
•अदरक और तुलसी की चाय – यह प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी है और कफ को पतला करने में मदद करती है।
•शहद और काली मिर्च – गले के कफ और सूजन में लाभकारी।
•नमक के पानी से गरारे – गले की जलन और संक्रमण कम करने में सहायक।
भाप लेने की सही प्रक्रिया (Proper Steam Inhalation)
भाप लेना साइनुसाइटिस में अत्यंत लाभकारी है, लेकिन सही तरीके से करना आवश्यक है:
•एक बर्तन में पानी उबालें -चाहें तो उसमें अजवाइन या नीलगिरी का तेल 1-2 बूंद डालें
•सिर को तौलिए से ढक लें -5–10 मिनट तक गहरी सांस लें
दिन में 1–2 बार करें
ध्यान रखें: बहुत अधिक गर्म भाप से त्वचा या नाक जल सकती है।
प्राणायाम – साइनस के लिए वरदान
नियमित प्राणायाम साइनस की समस्या को जड़ से सुधार सकता है।
•अनुलोम-विलोम – नाक की नसों को खोलने में सहायक।
•कपालभाति – कफ निकालने में अत्यंत लाभकारी।
प्रतिदिन सुबह खाली पेट 10–15 मिनट अभ्यास करें।
जीवनशैली में आवश्यक बदलाव (Lifestyle Changes)
•तली हुई और ठंडी चीजें कम करें
•दिनभर गुनगुना पानी पिएं
•पर्याप्त नींद लें (7–8 घंटे)
•नियमित व्यायाम करें
•तनाव कम रखें
•घर में धूल और एलर्जी से बचाव रखें
साइनुसाइटिस के लिए 5 श्रेष्ठ होम्योपैथिक औषधियाँ
•Belladonna – तेज सिरदर्द और अचानक सूजन में उपयोगी।
•Kali Bichromicum – गाढ़े, चिपचिपे कफ में प्रभावी।
•Silicea – पुरानी साइनस समस्या में सहायक।
•Pulsatilla – मौसम बदलने से होने वाली समस्या में उपयोगी।
•Hepar Sulph – संक्रमण और दर्द में लाभकारी।
होम्योपैथी में रोग की जड़ पर काम किया जाता है, इसलिए सही केस स्टडी और व्यक्तिगत परामर्श बहुत जरूरी है।
❤️ मेरा संदेश
साइनुसाइटिस को हल्के में न लें। सही समय पर सही उपचार, उचित जीवनशैली और नियमित प्राणायाम से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
यदि आप लंबे समय से साइनस की समस्या से परेशान हैं, तो स्वयं उपचार न करें। विशेषज्ञ सलाह आवश्यक है।
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Dr. Mankad’s Homeoclinic, Ahmedabad
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आपके स्वास्थ्य की जिम्मेदारी, हमारी प्रतिबद्धता — क्योंकि स्वस्थ शरीर ही खुशहाल जीवन की नींव है।
डॉ. पार्थ मांकड
होम्योपैथ | हेल्थ कोच | संस्थापक – Dr. Mankads Homeoclinic
Website: – www.homeoeclinic.com
